कालसर्प-दोष निवारण पूजा एवं अनुष्ठान उज्जैन
उज्जैन एक बहुत ही पवित्र स्थान है क्योंकि यह महाकाल (भगवान शिव जी) की नगरी है, इसलिए काल सर्प दोष निवारण पूजा के लिए सबसे अच्छी जगह है
पंडित सुधीर पंचोली उज्जैन के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिष पंडितो में से एक हैं। वह कुंडली के विश्लेषण पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रदान करता है और सुझाव प्रदान करते है। उनके द्वारा किए गए सभी कर्मकांड पूर्ण वैदिक रूप से होते हैं।
ज्योतिषी पंडित सुधीर पंचोली उज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत में स्थित हैं। उन्होंने न केवल मध्य प्रदेश, भारत में बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध ज्योतिषी के रूप में नाम कमाया है। उन्होंने अध्यात्म, वैदिक ज्योतिष और संबद्ध विज्ञान के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया है। ज्योतिषी सुधीर पंचोली पारंपरिक ब्राह्मण परिवार से हैं और बचपन से ही ज्योतिष में उनकी गहरी रुचि थी। उन्होंने वैदिक ज्योतिष के बारे में बहुत अनुभव प्राप्त किया है। इन वर्षों में, कई ग्राहकों ने प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित सुधीर पंचोली से परामर्श लिया है जिन्होंने उन्हें अपने लक्ष्य में सफल होने के लिए मार्गदर्शन किया। उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली कुछ सेवाओं में शामिल हैं: पितृ दोष पूजा उज्जैन, मंगल दोष पूजा उज्जैन, महामृत्युंजय जाप उज्जैन, कुंडली भविष्यवाणियों, प्रेम, विवाह, मैच मेकिंग, वैवाहिक जीवन में मुद्दों, पितृ दोष पूजा उज्जैन, नवग्रह शांति पूजा उज्जैन आदि से संबंधिता समस्त पूजन के लिए समपर्क करें और तनावमुक्त जीवन का आनंद उठाये।
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राहु केतु अंतराले सर्वे ग्रहा:नभस्थिता। कालसर्प योगाख्येन सर्वे सौख्य विनाशक ।। इस श्लोक के अनुसार जिस जातक की कुंण्डली मे कालसर्प योग है उसके सर्व सुखों का विनाश होता है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु तो टलती ही है, आरोग्यता की भी प्राप्ति होती है।
महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थित मंगलनाथ का मंदिर बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में मांगलिक दोष निवारण के लिये पूजा-पाठ करवाई जाती है।
उज्जैन में सिद्धवट में पितृदोष पूजा करने से सभी दोषो का निवारण हो जाता है.अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद विधि से अंतिम संस्कार न किया जाए तो पितृदोष होता है, या फिर किसी की अकाल मृत्यु हो जाए
वास्तुशास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा में भूमिगत पानी का स्रौत धार्मिकता बढ़ाता है। इसी कारण उज्जैन शहर धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। इस शहर की प्रसिद्धि को और अधिक गौरवान्वित करता है महाकालेश्वर मंदिर।
नवग्रहों के दुष्प्रभाव को शांत करने के लिए भी कई उपाय ज्योतिष में बताए गए हैं जिनका विधि-विधान से पालन करें तो अवश्य लाभ मिलता है। सूर्य शांति के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।